एपि. 2: कथा हवा की तरह गति के भाव के साथ आगे बढ़ती है
12 अप्रैल 2006 को प्रसारित

एपिसोड
- एपि. 1 · कहानी एक उड़ते तारे की छवि के साथ आगे बढ़ती है
- एपि. 2 · कथा हवा की तरह गति के भाव के साथ आगे बढ़ती है
- एपि. 3 · कथा अनिवार्यता और भाग्य की भावना के साथ आगे बढ़ती है
- एपि. 4 · कथा अतीत के आघात और भावनात्मक चोटों के दीर्घकालिक प्रभाव का अन्वेषण करती है।
- एपि. 5 · कहानी इस विषय के साथ आगे बढ़ती है कि अपने सच्चे स्व को एक मुखौटे के पीछे छिपाना
- एपि. 6 · कथा इस प्रकार आगे बढ़ती है कि नायक एक मूर्ख की तरह व्यवहार करता है