एपि. 9: कथा यह संकेत देती है कि न्याय को वैध माने जाने के लिए चरम उपायों की आवश्यकता होती है
31 मई 2012 को प्रसारित

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एपिसोड
- एपि. 5 · अपने वित्तीय लाभ सुरक्षित करें
- एपि. 6 · कथावाचक बताते हैं कि श्रोता से स्थिति को समझने की अपेक्षा नहीं है।
- एपि. 7 · क्या वह हर किसी के साथ इसी तरह व्यवहार करती है / अपनी अनोखी धुन बजाना
- एपि. 8 · नायक कुरोकामी मेडका को हाराने का इरादा जताता है
- एपि. 9 · कथा यह संकेत देती है कि न्याय को वैध माने जाने के लिए चरम उपायों की आवश्यकता होती है
- एपि. 10 · नायक प्रतिद्वंद्वी को माफ करने से दृढ़तापूर्वक इनकार करता है।
- एपि. 11 · यही अंत है!!
- एपि. 12 · कुरोकामी मेदका की अनुपस्थिति में कथा आगे बढ़ती है