एपि. 102: मिरोमू को विदा...अरे!
30 मार्च 2004 को प्रसारित

102
एपिसोड
- एपि. 98 · दोस्ती का वह बंधन जो पैरापैरा में बदल गया
- एपि. 99 · एक संगीतकारक कार्यक्रम जो असह्य गंध से परिचित है
- एपि. 100 · नायक ने अपनी असली पहचान दाकू के रूप में उजागर की
- एपि. 101 · एक संगीत रचना जो पूरी दुनिया को बचा सकती है
- एपि. 102 · मिरोमू को विदा...अरे!
- एपि. 103 · कहानी तको के विषय के साथ शुरू होती है
- एपि. 104 · कथन का विषय कार्ल ही है, इस बात की पुष्टि होती है।
- एपि. 105 · नायक ने पी मैन नामक पात्र के प्रति अपना प्रेम व्यक्त किया
- एपि. 106 · पात्र अपने साझा खज़ाने को खोजते और उसकी कद्र करते हैं