
An Meotjin Eoreun Ji-Hye Yang
안 멋진 어른 지혜 양
Ju Yeon-Ho एक coaching स्कूल में पढ़ाकर अपनी रोज़ी कमाता है। उसकी दिनचर्या तब उलट जाती है जब An Ji-Hye, चार साल पहले उसके निजी ट्यूशन की एक छात्रा, बिल्कुल बदली हुई सूरत में लौट आती है। हालात दोनों को एक अनपेक्षित साझा घर-गृहस्थी में ला पटकते हैं, जो दोनों को हमेशा चौकन्ना रखती है। जिस मेहनती और तेज़-दिमाग़ लड़की को Yeon-Ho जानता था, वह अब नहीं रही; उसकी जगह है एक बिखरी-सी Ji-Hye जो ध्यान ही नहीं लगा पाती। उनके इस अजीब इंतज़ाम पर मँडराता सवाल यही है कि क्या यह नादान युवती आखिरकार अपने पैरों पर खड़ी होकर सचमुच एक परिपक्व इंसान बन पाएगी।






