
Botsuichi
没イチ
45 वर्षीय मनुबू शिराटोरी अपनी पत्नी के निधन से छह महीने से जूझ रहा है। अब वह घर के अधिकांश कामों की जिम्मेदारी संभाल रहा है, जिससे उसे दिनचर्या में लौटना कठिन लग रहा है। अपने इलाज की क्षमता को लेकर अनिश्चितता और बची हुई चिंताओं के बीच वह संघर्ष कर रहा है। ठीक उसी समय, एक अप्रत्याशित घटना उसकी दिनचर्या को बिगाड़ देती है। यह कहानी शोक के बाद के जीवन का एक हास्यपूर्ण चित्रण प्रस्तुत करती है, जो उन लोगों पर केंद्रित है जो पीछे रह जाते हैं और कैसे वे इस स्थिति से निपटते हैं।