
Hasujeonseol
하수전설
Yeo Ja-Seo न तो सबसे महान आसमान-तले martial artist है और न ही किसी प्रसिद्ध रूढ़िवादी sect का सम्मानित नायक। अपने ही अनुमान से वह martial arts की दुनिया की निचली सीढ़ियों पर काम करने वाला एक साधारण और कुछ डरा-दुबका मातहत है। संयोगों, ग़लतफ़हमियों और अप्रत्याशित रूप से अनुकूल नियति के मोड़ों की एक शृंखला उसे एक रहस्यमय गुरु के रूप में पुनर्जन्म की ओर ले जाती है, जिसकी असली पहचान आसपास के लोगों से ओझल बनी रहती है। उस क्षण से कहानी उसके उस माहौल में जीवित रहने के प्रयासों का अनुसरण करती है जहाँ अब उसे रहस्य और सत्ता के पात्र के रूप में देखा जाता है, हालाँकि भीतर से वह उसी मातहत का स्वभाव और प्रवृत्ति बनाए हुए है जो वह हमेशा से रहा है। दरअसल यह एक ऐसे व्यक्ति की जीवन-कथा है जो गुरु का चोग़ा पहने हुए है मगर एक पैदल सिपाही का दिल लिए चलता है।








