
Jeamjincheongyeong
제암진천경
Heavenly Slaughter के अभागे तारे तले जन्मा, जहाँ भी क़दम रखे वहाँ खून बहाने के लिए अभिशप्त, उसने अपनी तलवार म्यान से बाहर न निकालने की कसम खाई, इस डर से कि यह दुनिया पर कैसी तबाही ढा देगी। वह आने वाले वक़्त को देख सकता था, फिर भी उसने आँखें फेर लीं — और इस बेरुख़ी की क़ीमत बहुत भारी रही। उसका पूरा कुल मिटा दिया गया, उसका परिवार तलवार के घाट उतार दिया गया। मौत की दहलीज़ पर पहुँचकर ही आख़िरकार उस तक सच पहुँचा: स्वर्ग कभी पापियों को सज़ा नहीं देता, कर्म एक झूठ है, और न्याय बस एक तसल्ली भरा ख़्वाब है जिसे बेबस लोग थामे रहते हैं। जैसे ही यह समझ उसके भीतर उतरी, उसके सामने एक निषिद्ध ग्रंथ प्रकट हुआ — 'Sutra of Vanquishing Darkness and Rending the Heavens', एक स्वर्ग को चुनौती देने वाला ग्रंथ जो इंसान, स्वर्ग और धरती की जमा हुई नफ़रतों से जन्मा था। 'अगर स्वर्ग फ़ैसला नहीं सुनाएगा, तो मैं खुद सुनाऊँगा।' अँधेरे को गले लगाकर वह Ruler of Darkness बनकर लौटा, हर पाप को सज़ा देने और इस सड़ी हुई दुनिया पर हिसाब की तलवार गिराने की कसम के साथ।