
Kakumonagakifuzai
かくも長き不在
कई वर्षों बाद एक युवक अपने बचपन के घर लौटता है, जहाँ वह अपने दूर हुए पिता से फिर से जुड़ने की आशा रखता है। उसे घर खंडहर मिलता है और पता चलता है कि उसका पिता अब नहीं रहा। उत्तर खोजते हुए वह पुराने परिवारिक राज और अपने अतीत से जुड़ी अपूर्ण भावनाओं को उजागर करता है। स्मृतियों और एक पड़ोसी से बातचीत के माध्यम से, युवक अपने पिता के दूरभावी व्यवहार के कारणों को समझने लगता है। यह कहानी पछतावे, सुलह और समय के प्रवाह के विषयों का अन्वेषण करती है।