
Kashikomi Mousu!
かしこみ申す!
एक युवती जो आत्ता दूत बनने का सपना देखती थी, अंततः एक मंदिर में नियुक्त की जाती है। वहां पहुँचकर उसे पता चलता है कि मंदिर की हालत खराब है और उसके पुजारी में कोई उत्साह नहीं है। दृढ़ संकल्प वाली वह मंदिर की मरम्मत करने और पुजारी को सुधारने का निर्णय लेती है।