
Manyageun Eopda
만약은 없다
एक ऐसे आपातकालीन कक्ष पर आधारित जहाँ ज़िंदगी और मौत लगातार आपस में गुँथे रहते हैं, यह उन लोगों की कहानी कहती है जो इसकी सबसे थका देने वाली और कठोर पारियाँ खींचते हैं। यहाँ "अगर-मगर" की कोई गुंजाइश नहीं; मरीज़ या तो जीता है या मरता है, और कुछ भी उस रेखा को नर्म नहीं करता।

