
Mori Shuguang
末日曙光
2013 में ज़ोंबी महामारी फैलती है, जिससे सभी देशों में अराजकता छा जाती है। लंबी रातों के दौरान मानवता व्यापक संघर्ष में लिप्त होती है, नई सुबह की आशा लिए हुए। जैसे-जैसे अंत निकट आता है, लोग यह प्रश्न उठाते हैं कि क्या कोई समाधान मौजूद है। उनकी आशाएं अराजकता और विनाश के बीच नष्ट और खो जाती हैं। इस उथल-पुथल के बीच, एक नई आशा की किरण जागृत होती है।
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★ 50
Mori Shuguang
ONA