
Saeko wa Omou
佐江子は思う
प्यार पाने की तड़प जब बिगड़कर किसी राक्षसी रूप में बदल जाती है। Saeko एक ऑफ़िस कर्मचारी है, जिसने अपनी पूरी ज़िंदगी पर्दे के पीछे गुज़ार दी — कभी अपनी ही कहानी की नायिका नहीं बन पाई। एक पब्लिशिंग हाउस में शामिल होने और अपने पसंदीदा उपन्यासकार की संपादक के तौर पर एक हिट देने के बाद भी उसके दिन ख़ाली-ख़ाली से लगते हैं, क्योंकि जिस एक इंसान की पहचान उसे सच में चाहिए, उसी का प्यार उसे नहीं मिलता। जैसे-जैसे दुख, बेचारगी और झुँझलाहट ढेर होती जाती है, उसका बरसों पुराना जुनून आख़िरकार उसे किसी ऐसी चीज़ में बदल देता है, जो अब इंसान नहीं रही।
