
Suki shika Iwanai
好きしか言わない
एक बुधवार की दोपहर में छात्रों का एक समूह कक्षा में इकट्ठा होता है। एक लड़की, अपने डेस्क पर बैठी हुई, बातचीत शुरू करती है और एक अन्य कक्षा के साथी के प्रति अपने भाव व्यक्त करती है। वह बताती है कि वह केवल वही कहना चाहती है जो वह महसूस करती है, यानी कि उसे वे पसंद हैं। दृश्य शांत और आत्मचिंतन से भरा होता है, और उसकी स्वीकारोक्ति के अलावा संवाद बहुत कम होते हैं। कहानी उस क्षण पर समाप्त होती है जब दोनों पात्र एक-दूसरे की ओर देखते हैं, और यह पल एक शांत और साधारण माहौल में टंगा हुआ प्रतीत होता है।







