

Tecchan to Ore
Tecchan and Me·てっちゃんとオレ
Shion ने अनगिनत तन्हा दिनों के बीच परवरिश पाई, उसकी माँ कभी घर लौटकर नहीं आई। इस पूरे सफ़र में Tecchan हमेशा उसके साथ खड़ा रहा और उसे ऐसी गर्माहट देता रहा जो कभी पिता, कभी बड़ा भाई और कभी सबसे क़रीबी दोस्त-सी महसूस होती थी। इतने अरसे बाद इन दो अनगढ़ रूहों को आख़िरकार किस अंजाम तक पहुँचना है?
