
Choseikenki Mikazuchiden
The Legend of Mikazuchi·超聖剣記ミカズチ伝
मिकाज़ुची नामक एक युवक एक अलगद्वीप पर तलवारबाजी का प्रशिक्षण लेता है, जहाँ वह बाहरी दुनिया देखने और महिलाओं से मिलने की लालसा रखता है। उसने होनोका के साथ पालन-पोषण किया है, जिसके भाव उसके प्रति जटिल हैं। देवताओं द्वारा सुरक्षित इस द्वीप पर बाहरी लोगों का प्रवेश नहीं होता, और मिकाज़ुची व होनोका के बीच की छोटी-मोटी झगड़ों के अलावा वहाँ एकसूत्रता ही बनी रहती है। साया नामक एक रहस्यमयी महिला के किनारे धकेले जाने पर उनकी शांत जीवनशैली में विघ्न पड़ जाता है। इस आगमन के साथ ही याओयोरोज़ू देवताओं की मुहर टूट जाती है, जिससे भयानक प्राणी मुक्त हो जाते हैं। होनोका के माता-पिता राक्षसों के खिलाफ बचाव करने में असफल रहने पर मारे जाते हैं, और द्वीप की पवित्र तलवार, जो एक समय पर देवीय संरक्षक थी, अपनी शक्ति खो देती है और दो टुकड़ों में बंट जाती है। साया अपने पवित्र कौशल के साथ हस्तक्षेप करती है और एक चुंबन के माध्यम से दी गई आशीर्वाद के जरिए एक पश्चिमी तलवार उत्पन्न करती है, जो राक्षसों को हरा सकती है। मिकाज़ुची इस नए हथियार के साथ एक खतरनाक यात्रा पर निकल पड़ता है। जापान के एडो काल में सेट यह कथा एक देवीय और एक पवित्र तलवार द्वारा संचालित कार्य और रोमांस की कहानी में पौराणिक कथाओं और इतिहास को बुनती है।