

Jeonhaksaengeun Meokgo Sipeo
전학생은 먹고 싶어
बाहर से Jung Chae-Min हमेशा मुस्कुराता रहता है, मगर यह खुशनुमा सतह दूसरे लड़कों के प्रति आकर्षण और एक ऐसे घर के जीवन को छुपाती है जहाँ गर्मजोशी की जगह चोटें जमा होती हैं। हाई स्कूल के अपने दूसरे साल की शुरुआत में ही transfer student Ian उसकी कक्षा में आता है, एक तीखे चेहरे वाला अकेला किशोर जो सबसे दूरी बनाकर रखता है और खासकर Chae-Min को घूरता हुआ लगता है। संयोगवश Ian के अपने एक रहस्य का पता चलने पर दोनों के बीच का समीकरण बदल जाता है, और जैसे-जैसे Chae-Min उस जानकारी को साथ लिए चलता है, उसके भीतर एक अजीब-सी मुक्ति की भावना जन्म लेने लगती है। दूसरी तरफ Ian भी Chae-Min के छिपे ज़ख्मों के प्रति संवेदनशील होने लगता है और यहाँ तक कि उसके सपनों में उभरने लगता है, किसी ऐसी चीज़ की ओर खिंचा हुआ जिसे वह स्वयं भी ठीक से समझा नहीं पाता। दोनों अंधेरे और प्रकाश की सीमा रेखा पर खड़े हैं, धीरे-धीरे एक-दूसरे की दुनिया में रिसते जा रहे हैं। यह कृति Sachungi: Neoreul Saenggakaneun Bom संग्रह की तेरहवीं कहानी है।









