
Koitsu, Ore no Koto Suki nano ka?!
コイツ, 俺のこと好きなのか?!
योकोयामा-कून नामक एक मध्य विद्यालय के छात्र अपनी अस्पताल कक्ष की जिम्मेदारियों को उत्तरदायित्व से निभाते हैं। एक दिन, निशीनो-सान नामक एक सहपाठी उन्हें कहती है, "तुम बहुत अच्छे हो। धन्यवाद।" इससे योकोयामा-कून को संदेह होता है कि क्या वह केवल उसी के प्रति दयालु है, जिससे वह यह प्रश्न उठाता है कि क्या उसमें उसके प्रति भावनाएं हैं। वहीं, निशीनो-सान अपने उत्तरों में अस्पष्ट बनी रहती है, जिससे योकोयामा-कून को उसके व्यवहार और शब्दों को ऐसे व्याख्या करने पर मजबूर होना पड़ता है जो वास्तविकता को दर्शाते नहीं हो सकते हैं। कहानी उन गलतफहमियों और गलत व्याख्याओं का अन्वेषण करती है जो दोनों छात्रों के बीच उत्पन्न होती हैं, जैसे-जैसे योकोयामा-कून निशीनो-सान के इरादों के प्रति बढ़ती हुई आशा में डूबता जाता है।

