
Kono Kakegae no Nai Jigoku
このかけがえのない地獄
यह पांच स्वतंत्र कहानियों का संग्रह है। पहली कहानी एक ऐसे आदमी पर केंद्रित है जो अपने दैनिक जीवन के एक भयानक रूप में फंसा हुआ है और जिसके लिए भागना असंभव है। दूसरी कहानी एक लड़की की है जो मानती है कि वह मर चुकी है और अब जीवित दुनिया की उसे परवाह नहीं है। तीसरी कहानी में एक महिला एक रोमांटिक परिदृश्य में चौथी और अप्रत्याशित प्रेमिका बन जाती है। चौथी कहानी एक निराश युवक को दिखाती है जो एक NEET की उदासीनता के लिए उसे निशाना बनाता है। अंतिम कहानी एक जटिल प्रेम त्रिकोण की जांच करती है, जिसमें कथानायक अपनी ही प्रेमिका की प्रेमिका का पार्टनर है।


