
Soshite, Mina ni Natta.
そして、ミナになった。
मिना नाम की एक उच्च विद्यालय की छात्रा, हृदय प्रत्यारोपण प्राप्त करने के बाद, दिन के उजाले में हुए एक बड़े हत्याकांड से बच निकलती है। जैसे-जैसे वह स्वस्थ होने लगती है, उसे क्रूरता की तीव्र इच्छा का अनुभव होने लगता है। उसने प्राप्त किया हुआ हृदय शिमिज़ु मिशाको का था, जो उस हत्याकांड की जिम्मेदार थी। मिना के माता-पिता अपनी बेटी में हो रहे इस बदलाव को देखकर हैरान रह जाते हैं। कहानी मिना के क्रूर प्रवृत्तियों के लगातार बने रहने के कारण एक परिवार के बिखरने की ओर बढ़ती है।
