
Ryuu to Amagami
りゅうとあまがみ
Will, एक युवा ब्रिटिश लड़की, अपने पिता के काम के कारण हाल ही में जापान आई है, परंतु उसके नए घर के अनजाने व्यंजन उसे लगभग तुरंत भारी पड़ने लगते हैं। विशेष रूप से कच्ची मछली की तीखी, समुद्री गंध उसके लिए किसी भी ढंग के भोजन को लगभग असंभव बना देती है, और वह बढ़ते तनाव तथा निराशा से घिरने लगती है। अपने आस-पास की हर अजनबी चीज़ से जूझते हुए वह Ryusaku से मिलती है, एक रूखे और अति-व्यावहारिक जापानी युवक से, जो अपने सख्त शिष्टाचार के बावजूद वस्तुतः शास्त्रीय जापानी पाककला में प्रशिक्षित रसोइया है। मछली-आधारित व्यंजनों पर उसकी बेअंत शिकायतों से थककर वह ऐसा भोजन बनाने की ठान लेता है, जिसके बाद उसके पास कहने को कुछ शेष न रहे। इस छोटे टकराव से धीरे-धीरे एक शांत कथा उगती है, जिसमें एक विदेशी लड़की और एक युवा रसोइया स्थानीय व्यंजनों के माध्यम से शहर, उसके लोगों और एक-दूसरे को जानने लगते हैं।