
Kyoto Nadeshiko Kiyoko-san no Junjou Uraomote
京都なでしこキヨコさんの純情ウラオモテ
Kouya Torame टोक्यो के Asakusa इलाके के एक हाई स्कूल में पढ़ता है, और उसकी रोज़मर्रा की दिनचर्या तब बदल जाती है जब उसकी कक्षा में एक स्थानांतरित छात्रा आती है। नई आई यह लड़की, Kiyoko Shizuishi, अपने साथ एक प्रसिद्धि लेकर आती है: कहा जाता है कि उसने Kyoto की एक संघर्षरत, पुरानी और प्रतिष्ठित सराय को उबारा था, और उसका रूप-सौंदर्य सहपाठियों के बीच हलचल को और गहरा कर देता है। हालाँकि Kouya को यह एहसास परेशान करता रहता है कि वे पहले भी कहीं मिल चुके हैं। दरअसल बचपन में वे एक-दूसरे को जानते थे, और अब परिस्थितियाँ उन्हें एक ही छत के नीचे ले आती हैं। बाहर से Kiyoko Kyoto के परिष्कृत और अत्यधिक शिष्ट व्यवहार का प्रतिरूप है, फिर भी उस चमक के नीचे एक चुहलबाज़ और तीखी बुद्धि छिपी है। उसका यह बहुपरती स्वभाव बार-बार Kouya की सीधी-सादी टोक्यो वाली प्रकृति से टकराता है, जिससे शहरी रोज़मर्रा की ज़िंदगी और पनपते स्नेह की एक जीवंत, नोक-झोंक भरी कॉमेडी जन्म लेती है।